"मोर का गौरव – भारत की महिमा" की भव्य चित्रात्मक कृति यूटी के मुख्य सचिव को भेंट
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 2 अप्रैल 2025 – भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को समर्पित एक अनूठी पहल के तहत, "मोर का गौरव – भारत की महिमा" नामक एक शानदार चित्रात्मक कलाकृति बुधवार को यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, आईएएस को भेंट की गई। यह कलाकृति यूटी सचिवालय, चंडीगढ़ के लिए प्रस्तुत की गई, जो भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर के महत्व को रेखांकित करती है।
इस भव्य कलाकृति को पंजाब के राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू द्वारा तैयार किया गया है। इस कृति का उद्देश्य न केवल राष्ट्रीय पक्षी मोर के प्रतीकात्मक महत्व को उजागर करना है, बल्कि मानवता और प्रकृति के बीच के गहरे संबंध को भी दर्शाना है। मोर भारतीय संस्कृति, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक रहा है, और यह चित्रात्मक कृति इसी भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है।
सांस्कृतिक और पर्यावरणीय संरक्षण की दिशा में पहल
इस कला के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है। साथ ही, यह प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करने की सामूहिक जिम्मेदारी को भी उजागर करता है।
इस अवसर पर, यूटी-चंडीगढ़ के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, आईएएस ने इस कलात्मक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह कृति भारत के पारिस्थितिक और सांस्कृतिक लोकाचार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतीकों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में इस तरह की पहल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
इस विशेष बैठक के दौरान पंजाब के राज्य सूचना आयुक्त संदीप एस. धालीवाल और पूजा गुप्ता भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के अंत में यूटी चंडीगढ़ के लिए भारत के राष्ट्रीय पक्षी पर आधारित एक सचित्र कलाकृति भी प्रस्तुत की गई।
इस भेंट से कला, प्रकृति और राष्ट्रीय पहचान के बीच गहरे संबंध को और मजबूती मिली है, जो आने वाली पीढ़ियों को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए प्रेरित करेगा।
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