Waqf Board Amendment Bill : हिमाचल प्रदेश में वक्फ बोर्ड की 5343 अचल संपत्तियां, कई विवादों में
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 03 अप्रैल 2025 : हिमाचल प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पास कुल 5,343 अचल संपत्तियां हैं, जिनमें से 6 संपत्तियां हस्तांतरित की जा चुकी हैं, जबकि कई संपत्तियां विवादित हैं। विवादित संपत्तियों में अधिकांश अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनकी संख्या कुल संपत्तियों का लगभग 20 प्रतिशत है।
राज्य के किन्नौर जिले को छोड़कर सभी जिलों में वक्फ बोर्ड की जमीनें मौजूद हैं, जिनमें से अधिकांश पर कब्रिस्तान स्थित हैं। इन कब्रिस्तानों के आसपास की जमीनें भी वक्फ बोर्ड के अधिकार में हैं और कई मामलों को लेकर न्यायालय में मुकदमे चल रहे हैं। शिमला, सिरमौर और कांगड़ा जिलों में वक्फ बोर्ड की संपत्तियां अधिक संख्या में हैं।
हिमाचल में वक्फ बोर्ड अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति लंबित
हिमाचल प्रदेश में पिछले दो वर्षों से वक्फ बोर्ड का गठन नहीं हुआ है। अब तक न तो अध्यक्ष की नियुक्ति हुई है और न ही सदस्यों की। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार को ढाई साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन बोर्ड का नेतृत्व अब भी अधूरा है।
राजधानी में वक्फ बोर्ड का 70 बीघा भूमि पर मालिकाना हक
हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड, वन और राजस्व विभाग के बाद प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा भूमिधारक माना जाता है। शिमला में लगभग 70 बीघा जमीन वक्फ बोर्ड के स्वामित्व में है। इनमें संजौली, छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार, बैम्लोई, ताराहाल, बालूगंज और लोअर बाजार सर्किल शामिल हैं।
राजधानी में सबसे अधिक संपत्ति टुटीकंडी वार्ड के पांजड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां वक्फ बोर्ड के पास 46 बीघा भूमि है। लक्कड़ बाजार में 7.41 बीघा और ताराहाल में 6.13 बीघा भूमि भी बोर्ड के स्वामित्व में है। प्रशासन के अनुसार, शिमला शहरी क्षेत्र के सात सर्किलों में कुल 11 स्थानों पर वक्फ बोर्ड की संपत्तियां मौजूद हैं।
संपत्तियों पर कब्जे और निर्माण कार्य
छोटा शिमला, बालूगंज, लोअर बाजार और बैम्लोई सहित कई क्षेत्रों में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर कब्जे की घटनाएं सामने आई हैं। संजौली में वक्फ बोर्ड की लगभग 17.98 विस्वा जमीन दर्ज है। हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड के अलावा सुन्नी वक्फ बोर्ड और पंजाब वक्फ बोर्ड की संपत्तियां भी यहां पंजीकृत हैं। कई संपत्तियों पर कब्जाधारकों ने मकान, मस्जिद और दुकानें बना ली हैं, जिससे विवाद बढ़ रहे हैं। (SBP)
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