Himachal: आरोप : CAG की रिपोर्ट में सामने आई सुक्खू सरकार की हेराफेरी: विश्व चक्षु
कहा -सीएम को पता नहीं सरकारी खजाने से 2795 करोड़ कहां गायब हुए
बाबूशाही ब्यूरो
धर्मशाला, 02 अप्रैल, 2025: हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एवं पूर्व मुख्यमंत्री के मीडिया काॅआर्डिनेटर रहे एडवोकेट विश्व चक्षु ने प्रेस को जारी एक ब्यान में प्रदेश की सुक्खू सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत नियंत्रक व महालेखा परीक्षक केग की रिपोर्ट ने सुक्खू की पोल खोल कर रख दी है। केग की रिपोर्ट में सरकार पर ऐसे आरोप लगे हैं जिससे सुक्खू की कार्यप्रणाली कटघरे में खड़ी हो गई है। चक्षु ने कहा कि केग रिपोर्ट में कांग्रेस सरकार की हजारों करोड़ों की हेराफेरी सामने आई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को यह पता नहीं है कि सरकारी खजाने से 2795 करोड़ कहां गायब हो गए। रिपोर्ट ने सुक्खू सरकार के आर्थिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं जिसमें कहा गया है कि हिमाचल पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल सरकार आय के साधन जुटाने के लिए उचित कदम नहीं उठा रही है। सरकार कर्मचारियों व पेंशनरों के वित्तीय प्रबंधन से बाहर नहीं निकल पा रही है।
इसका परिणाम यह है कि ऋण का मूलधन और मूलधन का ब्याज चुकाने के लिए लगभग एक लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को पेश कैग की वित्तीय वर्ष 2021-22 की रिपोर्ट के अनुसार 11 अनुदानों के तहत 13 मामलों में 647.13 करोड़ रुपये का प्रविधान अनावश्यक साबित हुआ। जाहिर है सरकार ने अनुपूरक बजट में इस राशि का प्रविधान किया मगर वास्तविक खर्च मूल बजट तक भी नहीं पहुंचा।
चक्षु ने कहा कि CAG द्वारा उजागर की गई एक प्रमुख चिंता प्रदेश की एकल नोडल एजेंसी (एसएनए) खातों में अप्रयुक्त धनराशि का संचय है। 31 मार्च 2024 तक 1,024 करोड़ अप्रयुक्त रह गए। 2023-24 में प्रदेश को केंद्र सरकार से 3,824.29 करोड़ मिले। हालाँकि 3,377.32 करोड़ (केंद्रीय हिस्सा) और 587.49 करोड़ (राज्य हिस्सा) उचित दस्तावेज के बिना एसएनए को हस्तांतरित कर दिए गए। 1,744.60 करोड़ मूल्य के वाउचर गायब होने तथा 1,342 लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्रों के कारण 2,795.23 करोड़ राशि का कोई हिसाब नहीं है।
उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में हिमाचल प्रदेश में आई आपदा राहत के लिए राज्य सरकार ने मुख्य मद से 1,239.18 करोड़ रुपये खर्च किए। इनमें से 1,190 85 करोड़ रुपये केंद्र मिले। कैग के अनुसार वर्ष 2023-24 के दौरान प्रदेश सरकार ने अप्रत्याशित और असाधारण घटनाओं से संबंधित राहत उपायों पर 1,239.18 करोड़ खर्च किए, जो पिछले वर्ष में 622.42 करोड़ रुपये से अधिक थे। यह पूरी रकम राजस्व व्यय से संबंधित थी। सरकार को इस उद्देश्य के लिए केंद्र सरकार से 1,190 85 करोड़ प्राप्त हुए।
विश्व चक्षु ने कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री को स्पीष्टकारण देकर अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए। (SBP)
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