चंडीगढ़ में साइबर ठगों का कहर: बुजुर्ग दंपति से 3.41 करोड़ की ठगी, डिजिटल अरेस्ट कर बनाया शिकार
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 02 अप्रैल। शहर में साइबर ठगों के नए-नए हथकंडे सामने आ रहे हैं। ताजा मामला चंडीगढ़ में एक 82 वर्षीय रिटायर्ड कर्नल और उनकी पत्नी से करोड़ों की ठगी का है। ठगों ने दंपति को 9 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर 3.41 करोड़ रुपये हड़प लिए। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुआ साइबर फ्रॉड?
18 मार्च: पहली कॉल और डराने की साजिश
रिटायर्ड कर्नल दिलीप सिंह बाजवा और उनकी पत्नी रनविंदर कौर बाजवा सेक्टर 2 में रहते हैं। 18 मार्च को उन्हें इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया। कॉलर ने पूछा, *"क्या आप नरेश गोयल को जानते हैं?"* जब दंपति ने इनकार किया, तो कॉलर ने बताया कि नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में है और उसके घर से 247 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं, जिनमें से एक कार्ड उनके नाम का भी है। इसमें 20 लाख रुपये का लेनदेन दिख रहा है।
19 मार्च: फर्जी सुप्रीम कोर्ट का लेटर और डिजिटल अरेस्ट
अगले दिन ठगों ने सुप्रीम कोर्ट के फर्जी दस्तावेज भेजे और दावा किया कि दंपति को गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्हें वीडियो कॉल के जरिए नकली कोर्ट रूम दिखाया गया, जिसमें जज, पुलिस अधिकारी और दो आरोपी नजर आ रहे थे।
9 बार किया डिजिटल अरेस्ट
कर्नल दिलीप ने बताया कि 9 बार उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया। 27 मार्च को वीडियो कॉल पर नकली जज ने 2 करोड़ की बेल राशि भरने को कहा। जब दंपति ने पैसे न होने की बात कही, तो उन्हें किसी भी तरह पैसे जुटाने का दबाव बनाया गया। डर के मारे दंपति ने 5 अलग-अलग खातों में 3.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
ठगी का अहसास और पुलिस में शिकायत
रुपये खत्म होने के बाद कर्नल ने रिश्तेदारों से उधार लेने की कोशिश की, तब उन्हें शक हुआ। जब वकीलों से संपर्क किया, तो ठगी का पता चला। 28 मार्च को उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
कर्नल दिलीप ने कहा, *"मैंने जीवनभर देश की सेवा की, लेकिन अब साइबर ठगों के हाथों सब कुछ गंवा दिया। हमारी आखिरी उम्मीद चंडीगढ़ पुलिस है। मैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी अपील करता हूं कि हमारी मेहनत की कमाई वापस दिलाने में मदद करें।"* उनकी पत्नी ने भी कहा कि ठगों ने सोचने का मौका तक नहीं दिया।
पुलिस की चेतावनी: डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती
एसपी गीतांजलि खंडेलवाल ने बताया कि चंडीगढ़ में 2025 में 7 डिजिटल अरेस्ट के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय कॉल या वीडियो कॉल में दबाव में न आएं। उन्होंने बताया कि अब तक 6.5 लाख रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं और बाकी रकम रिकवर करने की कोशिश जारी है।
सतर्क रहें, ठगी से बचें:
- डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती।
- कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर बैंक डिटेल्स नहीं मांगती।
-फर्जी कॉल आने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
चंडीगढ़ पुलिस लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है ताकि वे ऐसे साइबर अपराधियों के झांसे में न आएं।
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