हिसार और करनाल एयरपोर्ट भाजपा के भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गए- हुड्डा
बाबूशाही ब्यूरो
चंडीगढ़, 2 अप्रैल। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि हिसार और करनाल हवाई अड्डे भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गए हैं क्योंकि भाजपा सरकार ने कांग्रेस कार्यकाल में स्वीकृत हवाई अड्डे के निर्माण में न केवल ऐतिहासिक देरी की, बल्कि करोड़ों रुपए का घोटाला भी किया।
उन्होंने कहा कि परियोजना में घोटाले की हद इस बात से देखी जा सकती है कि हवाई अड्डे की चारदीवारी बिना नींव के ही बना दी गई।
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान अगस्त 2013 में ही हिसार और करनाल में मौजूदा हवाई पट्टियों को घरेलू हवाई अड्डों के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी गई थी। उन्होंने कहा, "इससे पहले, अक्टूबर 2012 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और हरियाणा सरकार द्वारा एक संयुक्त व्यवहार्यता अध्ययन किया गया था और एएआई द्वारा एक व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की गई थी। हरियाणा सरकार ने एएआई की मांग के अनुसार हिसार और करनाल हवाई पट्टियों के उन्नयन के लिए एएआई को आवश्यक भूमि की पेशकश की।"
उन्होंने कहा, "राज्य और केंद्र में सरकार बदलने के बाद जुलाई 2015 की पीआईबी विज्ञप्ति से भी स्पष्ट है कि तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री श्री सिद्धेश्वर ने भी कांग्रेस सरकार की योजना को स्वीकार किया था। हिसार और करनाल हवाई पट्टियों को उन 50 स्थानों में से चुना गया था, जहां छोटे हवाई अड्डे विकसित किए जाने थे, लेकिन भाजपा सरकार ने तब से इस परियोजना को रोक रखा है।"
उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि इतने सालों से लटके इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की बजाय भाजपा और भाजपा-जजपा सरकार का पूरा ध्यान घोटाला करने पर रहा। हिसार एयरपोर्ट की चारदीवारी के निर्माण में 180 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार से सरकार की मंशा उजागर हो गई है।"
उन्होंने कहा, "बिना नींव के बनी एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल ने एयरपोर्ट की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है, क्योंकि कोई भी जानवर एयरपोर्ट में घुस सकता है। करीब 7200 एकड़ में फैले इस एयरपोर्ट में अगर विमान के टेक-ऑफ या लैंडिंग के समय कोई जानवर रनवे पर आ जाए तो बड़ा हादसा भी हो सकता है। यह भी एयरपोर्ट की सुरक्षा में चूक का सीधा मामला है।"
हुड्डा ने कहा कि हरियाणा पीडब्ल्यूडी ने हिसार एयरपोर्ट पर 362 करोड़ रुपये से अधिक का काम किया है, जिसमें बाउंड्री वॉल, रनवे, निरीक्षण मार्ग शामिल हैं। उन्होंने कहा, "ऐसी खबरें भी हैं कि रनवे के डीजीसीए मानकों के अनुसार निर्माण को लेकर संदेह पैदा हो गया है। अगर यह सच है, तो इससे एयरपोर्ट का उपयोग करने वाले हर व्यक्ति की जान और सुरक्षा को खतरा है।"
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि भारत सरकार के नागरिक उड्डयन महानिदेशक सहित डीजीसीए के अधिकारियों ने हरियाणा सरकार और उसके पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें भविष्य में हिसार हवाई अड्डे पर कोई भी कार्य करने से प्रतिबंधित कर दिया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि ‘‘यह भी कहा जा रहा है कि हिसार हवाई अड्डे का काम अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया खुद ही करेगी। तो क्या यह हरियाणा सरकार की विफलता, भ्रष्टाचार और निकम्मेपन का सबूत नहीं है?’’ उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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