कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ पर हमले की जांच करेगी चंडीगढ़ पुलिस, हाईकोर्ट ने चार महीने में रिपोर्ट सौंपने के दिए आदेश
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 3 अप्रैल 2025: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ पर हुए कथित हमले की चंडीगढ़ पुलिस से जांच कराने के निर्देश दिए हैं और मामले की पूरी जांच चार महीने में पूरी करने को कहा है।
एसआईटी का गठन, पंजाब पुलिस का कोई अधिकारी नहीं होगा शामिल
न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ की अध्यक्षता वाली हाईकोर्ट की बेंच ने चंडीगढ़ पुलिस को तीन दिनों के भीतर एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी में पंजाब पुलिस का कोई भी अधिकारी शामिल नहीं होगा।
कर्नल बाठ ने सीबीआई जांच की थी मांग
दिल्ली में तैनात कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ ने पिछले सप्ताह हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पंजाब पुलिस ने उनके और उनके बेटे पर हुए हमले की एफआईआर दर्ज करने में देरी की।
क्या है पूरा मामला?
घटना 13 और 14 मार्च की रात की है, जब कर्नल बाठ, उनकी पत्नी और उनका बेटा पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल के पास जसवंत ढाबे पर खाना खा रहे थे।
कर्नल बाठ के अनुसार, एक समूह उनके पास आया और उनकी कार हटाने की मांग करने लगा।
विवाद बढ़ने पर 12 पुलिसकर्मियों, जिनमें चार इंस्पेक्टर भी शामिल थे, ने कथित रूप से कर्नल बाठ और उनके बेटे पर हमला किया।
कर्नल बाठ का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर एफआईआर दर्ज करने में देरी की, जिसके कारण उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
निष्पक्ष जांच की मांग पर हाईकोर्ट का फैसला
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस को जांच का जिम्मा सौंपते हुए चार महीने में रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
चंडीगढ़ पुलिस की अगली कार्रवाई
चंडीगढ़ पुलिस को अब तीन दिनों के भीतर एसआईटी गठित करनी होगी और मामले की निष्पक्ष जांच करनी होगी। इस मामले पर प्रदेश और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की भी नजर बनी हुई है।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here →
Click to Follow हिन्दी बाबूशाही फेसबुक पेज →