रायकोट : भाई नूरा माही सेवा सोसाइटी ने देसी वर्ष की शुरुआत के अवसर पर गुरमति समागम करवाया
निर्मल दोस्त
रायकोट/लुधियाना 15 मार्च 2055 - दसवें गूपिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की चरण स्पर्श वाली रायकोट की पवित्र भूमि पर देसी नववर्ष को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष की भांति इस बार भी भाई नूरा माही सेवा सोसायटी (रजि.) रायकोट ने गुरुद्वारा गुरु रविदास भगत जी (जगराओं रोड, रायकोट) में इस गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधक समिति और नानक नाम लेवा संगत के सहयोग से "आध्यात्मिक कथा एवं कीर्तन दरबार" का आयोजन किया।
भाई नूरा माही सेवा सोसायटी के संरक्षक भाई डॉ. करविंदर सिंह यू.के (रायकोट वाले) द्वारा प्रेस को दी गई जानकारी के अनुसार हर वर्ष की भांति इस बार भी गुरबाणी की महान पंक्ति "कलयुग में कीर्तन परधाना, गुरमख जपिए लाए ध्याना" के अनुरूप गुरु जी के साथ नव देशी वर्ष मनाने के लिए इस गुरमत समागम (आध्यात्मिक कथा एवं कीर्तन दरबार) का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर भाई नूरा माही सेवा सोसायटी (रजि.) रायकोट की ओर से डॉ. करविंदर सिंह ने श्रद्धालुओं को इस नए देसी वर्ष की बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल/सुखद भविष्य की कामना की।
इस गुरमति समागम के अवसर पर गुरुद्वारा दशमेश दरबार साहिब गोंदवाल के हजूरी रागी भाई सुखविंदर सिंह गोंदवाल (रायकोट वाले), भाई मनजिंदर सिंह बिंजल/भाई नूरा माही सेवा सोसायटी, रायकोट का कीर्तनी जत्था/ भाई पलविंदर सिंह जी (हेड ग्रंथी) गुरुद्वारा शहीद बाबा जोरावर सिंह-बाबा फतेह सिंह/ भाई अमनदीप सिंह चीमा के प्रसिद्ध कीर्तनी जत्थों ने गुरबाणी के विविध कीर्तन से संगत को निहाल किया।
इस वार्षिक गुरमति समागम के अवसर पर सिख पंथ के अंतरराष्ट्रीय कथावाचक भाई दर्शन सिंह जटपुरा ने गुरमत के अनुसार कथा सुनाई और संगत को गुरबाणी से जोड़ते हुए गुरुओं के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज लोगों के स्वार्थ के कारण परिवार/रिश्ते टूट रहे हैं। गुरबाणी और गुरुओं द्वारा दिखाए गए मार्ग पर न चलने के कारण ही हम सच्चे मार्ग से भटक रहे हैं और अनेक प्रकार के कष्ट झेल रहे हैं। गुरबाणी सभी खुशियों का खजाना है। इसलिए पूरे तन-मन से गुरबाणी का ध्यान करना आवश्यक है।
इस दौरान भाई नूरा माही सेवा सोसायटी के सभी सदस्यों ने परम पिता परमात्मा का आभार व्यक्त किया कि उनकी असीम कृपा/आशीर्वाद से उन्होंने भाई नूरा माही सेवा सोसाइटी द्वारा आयोजित इस वार्षिक गुरमत समागम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। इसके साथ ही सोसायटी ने इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में शामिल होने तथा उत्साह बढ़ाने के लिए नानक नाम लेवा संगत का हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर गुरमत साहित्य का लंगर लगाया गया। इस मौके सिरोपाउ भेंट किया गये।
इस अवसर पर क्षेत्र की अग्रणी शिक्षण संस्था डॉ. द्वारका नाथ सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लड़कियां) की विज्ञान प्रदर्शनी में पंजाब स्तर पर प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। प्रिंसिपल अमरप्रीत कौर देहर सुमाल, मैडम अमृतपाल कौर शामिल हुईं। उन्हें सिरोपा भी भेंट किया गया।
लगभग 4 घंटे में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में अन्य लोगों के अलावा अध्यक्ष डॉ. उलविंदर सिंह, मास्टर प्रीतम सिंह ब्रह्मी, पूर्व पार्षद हरविंदर सिंह बिट्टू प्रधान, गुरचेत सिंह, गुलाब सिंह चांगली, साबिर अली/यूसुफ अली बर्मी, जगदीश सिंह भट्टी लोहटबद्दी, अवतार सिंह लोहटबद्दी, जगजीत सिंह हैप्पी, हरजीत सिंह सरां (भाई नूरा माही सेवा सोसाइटी के सभी सदस्य), हेड ग्रंथी भाई बलजिंदर सिंह, गुरुद्वारा गुरु रविदास महाराज की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अवतार सिंह चीमा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह मिस्त्री, सचिव करमजीत सिंह (सेवानिवृत प्रिंसिपल), उपाध्यक्ष प्रकाश सिंह पासी, वित्त सचिव मुख्तियार सिंह छापा (बिजली बोर्ड), परमजीत सिंह नथोवाल (प्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया), पूर्व पार्षद नछत्तर सिंह, गुरदीप सिंह, केवल सिंह, जगदेव सिंह सेंभी, कुलदीप सिंह(बिजली बोर्ड), शबद गुरु गुरमत अकादमी रायकोट के मुख्य सेवक बाबा हरजीत सिंह रायकोट, जसपाल सिंह (टेलीफोन विभाग), बलवीर सिंह, अमृतपाल सिंह, गुरदीप सिंह, ब्रह्म सिंह, जगतार सिंह, किरपाल सिंह, जोगा सिंह, सूबेदार बहादुर सिंह मीठेबाल, सुखविंदर सिंह, इंजीनियर बूटा सिंह सपरा, मास्टर गुरमेल सिंह, मास्टर जसविंदर सिंह भी उपस्थित थे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को भरपूर मात्रा में गुरु का लंगर छकाया गया।
चेत माह में संग्रांद के अवसर पर मीठे चावल का लंगर आयोजित किया गया। सोसायटी द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन/समारोह की समाज के सभी वर्गों द्वारा अत्यधिक सराहना की जा रही है।