यूटी व एमसी कर्मियों ने 8 अप्रैल को प्रस्तावित धरने की तैयारी पूरी की
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 3 अप्रैल: फैडरेशन ऑफ यूटी इम्प्लॉइज एंड वर्कर्स चंडीगढ़ के आह्वान पर यूटी और एमसी के विभिन्न विभागों में बीते 15 दिनों से गेट मीटिंग्स और रैलियों का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य 8 अप्रैल को नगर निगम कार्यालय, सेक्टर 17 के सामने होने वाले धरने के लिए समर्थन जुटाना है। इस कड़ी में आज वाटर सप्लाई बूथ सेक्टर 39, 26, 4 और रोड बूथ सेक्टर 9 में भी रैलियां आयोजित की गईं।
मुख्य मांगें:
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7वें वेतन आयोग के एरियर का भुगतान
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बोनस और डीए के बकाया एरियर का निपटारा
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विभागों में रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति
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भर्ती और पदोन्नति के नियमों में संशोधन
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13 मार्च 2015 की नीति में बदलाव कर 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके डेली वेज और अनुबंध कर्मियों को नियमित करना
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आउटसोर्स कर्मियों को विभाग के अधीन लाना और उनकी लंबित वेतन राशि का भुगतान
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डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन के आधार पर फिक्स करना
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नगर निगम के बागवानी विभाग के अंतर्गत पार्कों और ग्रीन बेल्ट को सोसाइटीज को सौंपने का निर्णय रद्द करना
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कर्मचारियों की छंटनी रोकना और बायोमेट्रिक हाजिरी में आ रही समस्याओं का समाधान
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वर्दी, गम बूट, बरसाती, तेल-साबुन का भुगतान
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सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन और ग्रेच्युटी का शीघ्र भुगतान
कर्मचारी नेताओं की तीखी आलोचना: फेडरेशन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी, अध्यक्ष रघुवीर चंद, राजेंद्र कटोच, हरकेश चंद, अमरीक सिंह, गुरमीत सिंह, एम.एम. सुब्रह्मण्यम सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने प्रशासन और निगम अधिकारियों की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अधिकारी कर्मचारियों की मांगें मानने के बजाय उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। खासतौर पर निगम के मुख्य अभियंता और उनके अधीनस्थ अधिकारियों का रवैया नकारात्मक और निंदनीय है। कर्मचारी नेताओं ने प्रशासन से भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और सभी विभागों के कर्मियों से 8 अप्रैल को होने वाले धरने में भारी संख्या में शामिल होने की अपील की।
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