राज्यसभा सांसद सतनाम संधू ने संसद में पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास का उठाया मुद्दा
राज्यसभा सांसद सतनाम संधू ने केंद्र से पंजाब में बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी को मजबूत करने का आग्रह किया ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का विकास किया जा सके सुनिश्चित
राज्यसभा सांसद सतनाम संधू ने पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों के किसान समुदाय के सामने आने वाली चुनौतियों पर डाला प्रकाश
राज्यसभा सांसद सतनाम संधू ने केंद्र सरकार से पंजाब के सीमावर्ती जिलों में युवाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाने और अटल इनक्यूबेशन सेंटर शुरू करने की मांग
हरजिंदर सिंह भट्टी
(राज्यसभा) सतनाम ससांह सांधू ने शून्यकाल के दौरान राज्य सभा में पजां ाब के सीमावती क्षेत्रों में ववकास का मद्दुा उठाते हुए माांग की कक बॉर्डर एररया र्ेवलपमेंट अथॉररटी को और असधक मजबूत बनाया जाए ताकक यह सरकार की ववकास और कल्याणकारी योजनाओां को लागू करने के सलए नोर्ल एजेंसी के रूप में कायड कर सके, जजससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का सामाजजक-आसथडक स्तर ऊपर उठाया जा सके।
साांसद सतनाम ससांह सांधू ने कहा, "कें द्र सरकार ने सीमावती क्षेत्रों के ववकास के सलए वपछले 10 वर्षों के दौरान ववसभन्न ववकास और कल्याणकारी योजनाएां शुरू की हैं, जजनमें वाइब्रेंट ववलेज कायडक्रम भी शासमल है, जजसके सलए सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का बजट आवांकटत ककया है। वाइब्रेंट ववलेज कायडक्रम के तहत, कें द्र सरकार 19 सीमावती क्षेत्रों में 3000 गाांवों का ववकास कर रही है। 2025 के कें द्रीय बजट में सीमावती क्षेत्रों के ववकास के सलए बजट में 87 प्रसतशत की वृवि की गई है।" सांधू ने आगे कहा कक, "प्रधानमांत्री मोदी के नेतृत्व में कें द्र सरकार ने सीमाओां को देखने के तरीके को बदल कदया है और सीमावती क्षेत्रों को एक नया आयाम कदया है।
उनके नेतृत्व में, इन सीमावती गाांवों को जजन्हें पहले 'भारत का अांसतम गाांव' कहा जाता था, अब 'भारत का पहला गाांव' कह कर सांबोसधत ककया जाता है।" कें द्र सरकार ने आधुसनक सनगरानी प्रणाली और उच्च तकनीक वाली एांटी ड्रोन तकनीक की स्थापना के साथ सीमा फें ससांग को बढाया है, जजसके पररणामस्वरूप घुसपैठ और नशीले पदाथों की तस्करी पर कड़ी लगाम लगी है। अपने भार्षण के दौरान साांसद सतनाम सांधू ने राज्य के सीमावती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, ववशेर्षकर ककसानों की समस्याओां पर प्रकाश र्ाला। सांधू ने कहा, “पांजाब के सीमावती क्षेत्रों में रहने वाले लोग बहादरु भारतीय नागररक हैंजो एक तरफ देश की खाद्य सरुक्षा ससुनजित करते हैंऔर दसू री तरफ अपनी उपजस्थसत से देश की सुरक्षा व्यवस्था का समथडन करते हैं। लेककन सीमा पर रहने वाले ककसानों को कई ककठनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सीमावती क्षेत्रों में हमेशा घुसपैठ, नशा तस्करी और गोलीबारी का र्र बना रहता है, जजससे इन क्षेत्रों में खेती करना जोजखम भरा काम हो गया है। इसके अलावा, कृ वर्ष सांसाधनों की कमी, ससांचाई की समस्या और कृ वर्ष उपज बेचने में ककठनाई इन क्षेत्रों में ककसानों की जस्थसत को और खराब कर रही है। दरूदराज के इलाकों में रहने से उनकी रसद लागत बढ जाती है और उन्हें अपनी फसलों का लाभकारी मूल्य नहीां समल पाता है।” पजां ाब के सीमावती गाांवों में रहने वाले लोगों के समक्ष आने वाली अन्य चुनौसतयों को उठाते हुए सतनाम ससांह सांधू ने कें द्र सरकार से आग्रह ककया कक वह वाइब्रेंट ववलेज कायडक्रम के तहत असधक से असधक गाांवों को कवर करे, मेगा फू र् पाकड पररयोजनाओां को लागू करे, सीमावती जजलों में युवाओां का कौशल ववकास सुसनजित करे, नशामुवि कें द्रों की सांख्या बढाए और राज्य के सीमावती जजलों में युवाओां में उद्यमशीलता को बढावा देने के सलए अटल इनक्यूबेशन सेंटर स्थावपत ककया जाये। ससां द में शन्ूयकाल के दौरान बोलते हुए साांसद सधां ूने कहा, "सीमावती क्षेत्रों में रहने वाले पांजाबी भारत की पहली कर्फे न्स लाइन हैं, जो हमारी सेनाओां के साथ समलकर देश के सलए लड़ते रहे हैं।
पांजाब की पाककस्तान के साथ 553 ककलोमीटर लांबी अांतरराष्ट्रीय सीमा है, जो राज्य के कफरोजपुर, गुरदासपुर, फाजजल्का, अमतृ सर और तरनतारन जजलों में फैली हुई है। इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय सरुक्षा, नशीले पदाथों की तस्करी, भूसमहीनता, माइग्रेशन और ककसानों और यहाां रहने वाले लोगों की कु छ गांभीर समस्याएँ हैं। इन सीमावती क्षेत्रों में रहने वाले लोग न के वल देश के नागररक हैं, बजल्क वे बॉर्डर वाररयर हैं। पांजाब के सनवाससयों ने 1965 और 1971 के युिों में बेजोड़ बहादरुी कदखाई है। पजां ाब के सीमावती गाांवों में रहने वाले लोगों के समक्ष आने वाली अन्य चुनौसतयों को उठाते हुए सतनाम ससांह सांधू ने कें द्र सरकार से आग्रह ककया कक वह वाइब्रेंट ववलेज कायडक्रम के तहत असधक से असधक गाांवों को कवर करे, मेगा फू र् पाकड पररयोजनाओां को लागू करे, सीमावती जजलों में युवाओां का कौशल ववकास सुसनजित करे, नशामुवि कें द्रों की सांख्या बढाए और राज्य के सीमावती जजलों में युवाओां में उद्यमशीलता को बढावा देने के सलए अटल इनक्यूबेशन सेंटर स्थावपत करे। सांधू ने कहा, "अतीत में लगातार सरकारों की नीसतगत सनजरक्रयता के कारण, कमजोर सीमा सुरक्षा एक गभां ीर सचांता बनी हुई है, जजसके कारण आतांकवाद, नशीली दवाओां की तस्करी और पांजाब सीमा से घुसपैठ जैसी गांभीर समस्याएां बढ गई हैं। इन मुद्दों ने लांबे समय तक क्षेत्र और राष्ट्र को अपूरणीय क्षसत पहुँचाई है।" साांसद सतनाम सांधू ने कें द्र सरकार से आग्रह ककया कक सीमावती क्षेत्रों में नशे की लत सबसे ज्यादा लगती है, इससलए इन जजलों में नशा मुवि कें द्रों की सांख्या बढाई जाए और नशा मुि भारत असभयान जैसे कायडक्रमों के माध्यम से जागरूकता फै लाई जाए।
इसके अलावा सीमावती क्षेत्रों के युवाओां को उद्यमी बनने के सलए प्रोत्साकहत करने के सलए नीसत आयोग द्वारा कॉलेजों में प्रत्येक जजले में कम से कम एक अटल इनक्यूबेशन सेंटर खोला जाना चाकहए, ताकक युवाओां को अपना व्यवसाय स्थावपत करने में मदद समल सके और असधक से असधक रोजगार सृजजत हो सकें । पजां ाब के सीमावती क्षेत्रों में ववकास ससुनजित करने के सलए केंद्र सरकार से आग्रह करते हुए राज्यसभा सदस्य सतनाम सांधू ने कहा, "पांजाब के सीमावती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सलए ववकास और अवसर पैदा करने के सलए हम ग्रामीण बुसनयादी ढाांचे को और बेहतर बनाने का अनुरोध करते हैं ताकक लोग न के वल सुरजक्षत रहें, बजल्क सीमावती क्षेत्रों में उनकी आसथडक जस्थसत भी बेहतर हो।" उन्होंने आगे कहा, "कें द्र सरकार के स्पेशल पपडस वेकहकल (एसपीवी) के तहत इन सभी सीमावती जजलों में मेगा फू र् पाकड पररयोजनाओां को लागू ककया जाना चाकहए ताकक ककसानों को उनकी फसलों का उसचत मूल्य समल सके और सीमावती जजलों में अथडव्यवस्था गसत पकड़ सके ।
kk
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