विदेश भेजने के नाम पर खुली बिना परमिशन के इमिग्रेशन कंपनियां, केस दर्ज;
प्रशासनिक आदेशों की उड़ी धज्जियां
रमेश गोयत
चंडीगढ़,03 अप्रैल: चंडीगढ़ में बिना अनुमति और पंजीकरण के चल रहे इमिग्रेशन कार्यालयों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर में इमिग्रेशन कारोबार फलफूल रहा है, लेकिन अधिकांश कंपनियां जिला उपायुक्त और विदेश मंत्रालय की अनुमति के बिना ही काम कर रही हैं।
डीसी और विदेश मंत्रालय से नहीं ली अनुमति
चंडीगढ़ में कई इमिग्रेशन कंपनियां बिना किसी सरकारी अनुमति के कार्यरत हैं। जिला उपायुक्त के आदेशों के बावजूद, ये कंपनियां बेरोकटोक चल रही हैं और विदेश भेजने के नाम पर भोले-भाले लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रही हैं।
प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना
जिला उपायुक्त के आदेशों के बावजूद, शहर में कई इमिग्रेशन कंपनियां बिना पंजीकरण के चल रही हैं। यह न केवल प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
चंडीगढ़ में कहां हैं सबसे ज्यादा इमिग्रेशन कंपनियां?
शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र सेक्टर 17, 22 और 34 में सबसे ज्यादा इमिग्रेशन कंपनियां स्थित हैं। ये कंपनियां आकर्षक विज्ञापनों और सुनहरे सपनों के जरिए लोगों को विदेश भेजने का झांसा देती हैं।
एफआईआर दर्ज, कंपनियों पर कार्रवाई शुरू
सेक्टर 34 पुलिस स्टेशन में अवैध रूप से चल रही इमिग्रेशन कंपनियों के खिलाफ एफआईआर नंबर 51 यू/एस 223 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जिन कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, वे हैं:
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वेरासिटी ओवरसीज, फर्स्ट फ्लोर, पिकाडिली मॉल, सेक्टर 34, चंडीगढ़।
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यूरोपियन एजुकेशन कंसल्टेंट, एससीओ नंबर 232-33-34, सेक्टर 34, चंडीगढ़।
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थिंक वीज़ा, एससीओ नंबर 58-59, सेक्टर 34/ए, चंडीगढ़।
इन कंपनियों पर बिना पंजीकरण और अनुमति के इमिग्रेशन सेवाएं संचालित करने का आरोप है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और प्रशासन द्वारा आगे की सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
क्या कहते हैं प्रशासनिक अधिकारी?
चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, बिना पंजीकरण के काम कर रही इमिग्रेशन कंपनियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जिला उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जो भी इमिग्रेशन कंपनियां बिना लाइसेंस और विदेश मंत्रालय की अनुमति के कार्यरत हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी इमिग्रेशन कंपनी के झांसे में आने से पहले उसकी वैधता की जांच करें। अगर कोई कंपनी विदेश भेजने के नाम पर मोटी रकम मांग रही है, तो उसकी शिकायत पुलिस या जिला प्रशासन से करें।
चंडीगढ़ में इमिग्रेशन फ्रॉड का यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। हालांकि, जिला उपायुक्त और पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई से अवैध रूप से चल रहे इन व्यवसायों पर रोक लगाने की उम्मीद की जा रही है। जनता को भी सतर्क रहने और किसी भी तरह की ठगी से बचने की सलाह दी गई है।
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