वक्फ विधेयक: एसजीपीसी प्रमुख एचएस धामी ने इसे अल्पसंख्यक मामलों में सीधा हस्तक्षेप बताया
अमृतसर, 3 अप्रैल, 2025:
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने लोकसभा में पारित वक्फ संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि यह अल्पसंख्यक मामलों में केंद्र सरकार का सीधा हस्तक्षेप दर्शाता है। उन्होंने संबंधित पक्षों से परामर्श किए बिना विधेयक पेश किए जाने की आलोचना की , जिससे व्यापक विवाद पैदा हो गया है।
धामी ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर अंकुश लगाने और अपने एजेंडे के अनुसार धार्मिक संस्थानों को नियंत्रित करने की है । उन्होंने दोहराया कि एसजीपीसी हमेशा अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए खड़ी है और अल्पसंख्यक समुदायों के हितों के खिलाफ जाने वाले किसी भी फैसले का विरोध करेगी।
केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए धामी ने दावा किया कि अल्पसंख्यकों को दबाने के पहले के प्रयासों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की शुरूआत शामिल थी , जो सीधे तौर पर विभिन्न समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों और धार्मिक मान्यताओं में हस्तक्षेप करती थी । इसी तरह, उन्होंने बताया कि सेना में अग्निवीर भर्ती योजना जैसे फैसलों का उद्देश्य अल्पसंख्यकों को उनके आरक्षित अधिकारों से वंचित करना था।
उन्होंने सेना में सिख सैनिकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने के सरकार के प्रयास का भी उल्लेख किया और इसे उसी नीति का हिस्सा बताया, जिसका बड़े पैमाने पर कड़ा विरोध हुआ था।
केके
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