चंडीगढ़ में डिजिटल गिरफ्तारी घोटाला: 54 वर्षीय महिला से 25 लाख की ठगी
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 04 अप्रैल 2025: साइबर अपराधियों ने डिजिटल गिरफ्तारी घोटाले के जरिए एक 54 वर्षीय महिला से 25 लाख रुपये ठग लिए। इस मामले में पुलिस स्टेशन साइबर, चंडीगढ़ में शिकायत दर्ज की गई है।
जानकारी के अनुसार, सेक्टर 50बी, प्रोग्रेसिव सोसाइटी की निवासी पीड़िता को एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर सरकारी अधिकारी होने का दावा किया। आरोपियों ने महिला को झूठे अपराध में फंसाने की धमकी दी और गिरफ्तारी से बचने के लिए मोटी रकम जमा करने को कहा। घबराई हुई महिला ने डर के कारण किश्तों में 25 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई है। पुलिस साइबर सेल की मदद से इन खातों की ट्रेसिंग कर रही है और आरोपियों की पहचान की जा रही है।
चंडीगढ़ में डिजिटल गिरफ्तारी घोटाले: बढ़ते मामले चिंता का विषय
साइबर अपराधियों द्वारा डिजिटल गिरफ्तारी घोटाले के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस घोटाले में अपराधी खुद को सरकारी अधिकारी, पुलिस या प्रतिष्ठित एजेंसी के सदस्य के रूप में पेश कर पीड़ितों को डराते हैं और उनसे बड़ी रकम ऐंठते हैं।
पिछले एक साल में चंडीगढ़ में दर्ज प्रमुख मामले:
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अप्रैल 2025 – महिला से 25 लाख की ठगी (सेक्टर 50बी, चंडीगढ़)
तरीका: फोन कॉल द्वारा झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसा ऐंठा गया।
स्थिति: पुलिस जांच जारी।
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जनवरी 2025 – रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 18 लाख की ठगी (सेक्टर 34, चंडीगढ़)
तरीका: आरोपी ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और हवाला रैकेट में नाम जुड़ने की धमकी दी।
स्थिति: अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं।
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नवंबर 2024 – बिजनेसमैन से 30 लाख की ठगी (सेक्टर 9, चंडीगढ़)
तरीका: ईमेल के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम जोड़ने की धमकी देकर पैसे ट्रांसफर कराए गए।
स्थिति: रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर, कोई रिकवरी नहीं।
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सितंबर 2024 – प्रोफेसर से 12 लाख की ठगी (सेक्टर 15, पीयू कैंपस)
तरीका: आतंकवाद से जुड़े केस में संदिग्ध बताकर सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा कराने का दबाव डाला गया।
स्थिति: आरोपी अब तक पकड़ में नहीं।
पुलिस की अपील:
चंडीगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, ईमेल या संदेश पर तुरंत साइबर सेल को सूचना दें।
बचाव के लिए सुझाव:
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सरकारी एजेंसियां कभी भी फोन पर पैसा नहीं मांगतीं।
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संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
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किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग डिटेल्स या ओटीपी साझा न करें।
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यदि कोई खुद को अधिकारी बताकर धमकाए, तो पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
चंडीगढ़ में डिजिटल गिरफ्तारी घोटाले के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस साइबर क्राइम यूनिट लगातार जांच में जुटी हुई है। हालांकि, नागरिकों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि वे इस तरह की ठगी का शिकार न हों।
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