हरियाणा फायर कर्मियों की मांगों पर बैठक, सरकार ने 15 अप्रैल तक समाधान का दिया आश्वासन
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 4 अप्रैल – हरियाणा अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की मांगों को लेकर हरियाणा निवास, सेक्टर-3 में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा अग्निशमन कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया।
सरकार ने दी ये अहम सहमतियां
मंत्री विपुल गोयल ने फायर कर्मियों की प्रमुख मांगों पर सहमति जताते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। इनमें शामिल हैं:
✅ रिस्क कवर और बीमा – बैंकों से वार्ता कर ₹20 लाख का एक्सीडेंटल बीमा और रिस्क कवर दिलाने की व्यवस्था।
✅ प्रशिक्षण और प्रमोशन – फायर फाइटिंग कोर्स पूरा करने पर प्रमाणपत्र जारी करना और पहले से प्रशिक्षित कर्मचारियों को दोबारा कोर्स से छूट।
✅ ड्यूटी भत्ते – सरकारी कार्यों के लिए भेजे जाने पर डीए (महंगाई भत्ता) और टीए (यात्रा भत्ता) देना।
✅ स्वास्थ्य सुरक्षा – आग बुझाते समय घायल कर्मचारियों का सरकारी खर्च पर इलाज और मेडिकल अवकाश।
✅ संरक्षा उपकरण – जीवन सुरक्षा उपकरण जल्द उपलब्ध कराना।
✅ नियुक्ति और वेतन सुधार – फायर ऑपरेटर और ड्राइवरों के नियमितीकरण की नीति बनाना, जोखिम भत्ता देना, समान काम समान वेतन लागू करना, बिना शर्त प्रमोशन और एसीपी देना, तथा वेतन बढ़ोतरी पर पुनर्विचार।
समस्या समाधान के लिए कमेटी का गठन
सरकार ने निर्णय लिया कि 15 अप्रैल तक हरियाणा अग्निशमन विभाग के महानिदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी। इसमें शहरी स्थानीय निकाय विभाग, वित्त विभाग और यूनियन के पदाधिकारी सदस्य होंगे। यह कमेटी 15 मई तक रिपोर्ट सौंपेगी।
आंदोलन की चेतावनी
हरियाणा अग्निशमन कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिन्द और महासचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि यदि 15 अप्रैल तक लिखित आदेश जारी नहीं हुए और कमेटी का गठन नहीं किया गया, तो 20 अप्रैल को रोहतक में राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इसके अलावा, अखिल भारतीय सरकारी कर्मचारी फेडरेशन के समर्थन में 20 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भी भाग लिया जाएगा।
बैठक में शामिल अधिकारी और यूनियन प्रतिनिधि
इस बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा, हरियाणा फायर विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी, अतिरिक्त निदेशक गुलशन कालड़ा, लेखा अधिकारी शरविंदर, अधीक्षक संजीव कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। यूनियन की ओर से नरेश कुमार शास्त्री, मांगेराम तिगरा, सुनील चंडालिया, राजेंद्र सिन्द, सुखदेव सिंह, गुलशन भारद्वाज, विजय शर्मा, देवेंद्र लोहान, रमेश बहल, राजीव खत्री, सुनील कुंडू, संतोष कुमार, साहूंन खान, सतवीर सारण और मनजीत सिंह ने भाग लिया।
सरकार की ओर से संभावित समाधान का भरोसा दिया गया है, लेकिन यदि मांगे पूरी नहीं हुईं, तो प्रदेश में फायर कर्मियों का बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।
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