मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों से की ग्रीन, समृद्व व स्वच्छ हरियाणा बनाने की अपील*
मुख्यमंत्री ने पिंजौर में गौशाला में की गौ सेवा, कामधेनु गौशाला सेवा सदन को 21 लाख रुपए देने की घोषणा
*प्रदेश की गौशालाएं आत्मनिर्भर बनें- नायब सिंह सैनी*
रमेश गोयत
पंचकूला/चंडीगढ़, 4 अप्रैल - हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को जिला पंचकूला के पिंजौर स्थित कामधेनु गौशाला सेवा सदन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और इस दौरान उन्होंने गौसेवा भी की। उन्होंने कामधेनु गौशाला में गौमाता के गोबर से निर्मित कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट का लोकार्पण व गौमाता के अंतिम संस्कार केंद्र एवं नए शैड का शिलान्यास किया। उन्होंने कामधेनु गौशाला सेवा सदन को 21 लाख रूप्ये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने गौमाता की सेवा व आर्शीवाद से हरियाणावासियों से प्रदेश को ग्रीन, समृद्व व स्वच्छ हरियाणा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गाय को हम सभी माता का दर्जा देते हैं। गौमाता की सेवा करना पूण्य का कार्य है। इसके लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि पूर्व की सरकारों में हरियाणा में 215 गौशालाएं थी, जिनमें 1074 गौवंशों का पालन पोषण हो रहा था, लेकिन हमारी सरकार ने जब से जन सेवा का दायित्व संभाला, तब से प्रदेश में 650 पंजीकृत गौशालाएं कार्य कर रही हैं, जिनमें 4 लाख के लगभग गौवंश व नंदीयों का पालन पोषण किया जा रहा है। आज प्रदेश सरकार ने पूर्व की सरकारों के 2 करोड़ रुपए के बजट को बढ़ाकर 595 करोड रुपए किया है। उन्होंने बताया कि पानीपत, हिसार व पंचकूला में गौ अभ्यारण्य में हजारों गौवंश सुरक्षित हैं। सरकार ने 270 करोड़ रुपए गौ माता के चारे के लिए अनुदान के रूप में दिए हैं। पिछले वित्त वर्ष में 608 गौशाला में 166 करोड़ रूपये गौ माता के चारे के लिए दिए गए।
*गौमाता की सेवा के लिए सरकार लगातार योजनाओं को धरातल पर उतार रही
नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार लगातार गौमाता की सेवा के लिए योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम गति से कर रही है। सरकार ने गौ चराण की भूमि को गौशालाओं को देने का निर्णय किया है, ताकि उन गौ चराण की भूमि के अंदर गौवंश के लिए चारा पैदा किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी गौ सेवा को लेकर गंभीर हैं और भारत सरकार द्वारा गोबर धन योजना की शुरूआत भी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वित वर्ष में 1 लाख एकड भूमि में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने किसानों से ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक खेती करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गौवंश की सुरक्षा के लिए लगातार कदम उठाए हैं। गौमाता संरक्षण अधिनियिम के तहत गौ हत्या करने वाले व्यक्ति को 10 साल की सजा का भी प्रावधान है और गौ तस्करी करने वाले व्यक्ति को 7 वर्ष की सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि वे कामधेनु गौशाला सेवा सदन को बधाई देते हैं कि वे गाय के गोबर से और गोमूत्र से जैविक कीटनाशक केंचुआ खाद और जीवामृत जैसे उत्पाद भी बना रहे हैं, जिससे कि खेती को भी लाभ पहुंच रहा है।
*प्रदेश की गौशालाएं आत्मनिर्भर बनें*
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कामधेनु गौशाला सेवा सदन के पदाधिकारियों को बधाई देते हैं कि वे इतनी मेहनत से गौशाला को आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा आने वाले समय में सभी गौशालाओं को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने की जरूरत है। आने वाले समय में गौशालाओं को अनुदान की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे पेंट, गमले, फिनाईल, हैंड वाशर, बायोकोल, हवन सामग्री, साबुन तथा अन्य उत्पादों का उत्पादन कर आत्मनिर्भर बन जाएंगी। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि नवरात्रों के दिनों में गौशाला में मुख्यमंत्री पहुंचे है। गीता का प्रचार प्रसार विश्व स्तर पर हो रहा है और गौमाताओं का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में है। कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार ने गौशालाओं के लिए अनेक योजनाएं चलाई है। प्रदेश में 650 गौशालाएं पंजीकृत हैं जिनको प्रदेश सरकार की योजना के साथ प्रयाप्त सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि गौवंश पहले खेती का आधार होता था। कोरोना काल में कृषि ने ही देश व प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया था। कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने कामधेनु गौशाला सेवा सदन को 11 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल, हरियाणा गौ सेवा आयोग के चैयरमेन श्रवण गर्ग सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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