वक्फ संशोधन विधेयक 2025 राज्यसभा से पारित, अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार
बाबूशाही ब्यूरो
नई दिल्ली, 04 अप्रैल: वक्फ संशोधन विधेयक 2025 गुरुवार को राज्यसभा में पारित हो गया। इससे पहले, यह विधेयक लोकसभा से पास हो चुका था। राज्यसभा में विधेयक के समर्थन में 128 वोट पड़े, जबकि 95 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
इससे पहले, लोकसभा में हुए मतदान में विधेयक के पक्ष में 288 और विरोध में 232 मत पड़े थे। राज्यसभा में 13 घंटे से अधिक चली बहस के बाद इस विधेयक को मंजूरी दी गई।
विधेयक पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर मुस्लिम समाज को डराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार "सबका साथ, सबका विकास" की नीति पर काम कर रही है और मुस्लिम समुदाय के धार्मिक कार्यों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
रिजिजू ने कहा, "वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है और इसे धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए। इस विधेयक से गरीब मुसलमानों को काफी फायदा होगा।"
विपक्षी दलों ने इस विधेयक को 'मुस्लिम विरोधी' और 'असंवैधानिक' करार दिया, जबकि सरकार ने इसे "ऐतिहासिक सुधार" बताया। मंत्री ने यह भी दावा किया कि विधेयक में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) और हितधारकों के कई सुझावों को शामिल किया गया है।
अब सभी की नजरें राष्ट्रपति की मंजूरी पर टिकी हैं। यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा।
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