मेयर हरप्रीत कौर बबला ने मुख्य सचिव से 200 करोड़ रुपये की सहायता और संपत्ति कर वृद्धि की वापसी की मांग की
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 4 अप्रैल: चंडीगढ़ नगर निगम (एमसीसी) की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और नागरिक सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मेयर हरप्रीत कौर बबला ने आज यूटी के मुख्य सचिव राजीव वर्मा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने और हाल ही में बढ़ाए गए संपत्ति कर को तत्काल वापस लेने का आग्रह किया।
मेयर बबला ने बताया कि नगर निगम को 2024-25 के लिए 560 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया, जबकि आवश्यक राशि 1651.75 करोड़ रुपये थी। इससे वेतन, पेंशन और अन्य नागरिक सुविधाओं पर असर पड़ा है। उन्होंने मांग की कि वित्त वर्ष 2025-26 से तिमाही अनुदान जारी किया जाए, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से हो सके।
मुख्य सचिव राजीव वर्मा ने बैठक में भारत सरकार की मंजूरी के बाद 250 करोड़ रुपये की सहायता कुछ महीनों में जारी करने का आश्वासन दिया। इस पर मेयर ने आभार जताते हुए कहा कि समय पर आर्थिक मदद मिलना जरूरी है ताकि शहर की बुनियादी सेवाओं को प्रभावित होने से बचाया जा सके।
इसके साथ ही, मेयर बबला ने संपत्ति कर वृद्धि को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे नागरिकों के लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है। उन्होंने जनहित को प्राथमिकता देने और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया।
यह बैठक नगर निगम और प्रशासन के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई। मेयर बबला ने चंडीगढ़ को स्वच्छ, हरित और सुव्यवस्थित शहर बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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