साथी को इजेक्ट कर खुद उड़ाया जगुआर, घनी आबादी को बचाते हुए रेवाड़ी का जवान शहीद
बाबूशाही ब्यूरो
रेवाड़ी/जामनगर, 04अप्रैल। गुजरात के जामनगर में बुधवार को भारतीय वायुसेना का एक जगुआर लड़ाकू विमान क्रैश हो गया। हादसे में हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सेक्टर-18 निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव शहीद हो गए। उन्होंने संकट की घड़ी में अद्भुत साहस दिखाते हुए अपने साथी पायलट को समय रहते इजेक्ट कर जान बचाई और खुद विमान को आबादी से दूर ले जाकर वीरगति को प्राप्त हुए।
28 वर्षीय सिद्धार्थ की 23 मार्च को ही सगाई हुई थी और 31 मार्च को वे ड्यूटी पर वापस लौटे थे। हादसे की खबर से रेवाड़ी में शोक की लहर है। शुक्रवार सुबह उनका पार्थिव शरीर रेवाड़ी पहुंचेगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
तकनीकी खराबी के बाद भी नहीं छोड़ा विमान
शहीद पायलट के पिता सुशील यादव ने बताया कि 2 अप्रैल की रात फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ रुटीन सॉर्टी पर निकले थे। उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी आ गई। तमाम कोशिशों के बावजूद जब स्थिति नियंत्रण में नहीं आई तो उन्होंने पहले अपने साथी को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद विमान को घनी आबादी से दूर ले जाने का प्रयास किया और आखिरकार वीरगति को प्राप्त हो गए।
देशभक्ति थी विरासत में
सिद्धार्थ चौथी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी थे। उनके परदादा ब्रिटिश काल में बंगाल इंजीनियर्स में कार्यरत थे, दादा पैरा मिलिट्री फोर्स में और पिता वायुसेना से सेवानिवृत्त होकर फिलहाल एलआईसी में कार्यरत हैं। सिद्धार्थ ने 2016 में एनडीए परीक्षा पास की और तीन साल के प्रशिक्षण के बाद फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना जॉइन की। दो साल पहले उन्हें फ्लाइट लेफ्टिनेंट पद पर प्रमोशन मिला था।
रेवाड़ी को अपने वीर सपूत पर गर्व
सिद्धार्थ यादव की शहादत से रेवाड़ी शोकाकुल है, लेकिन साथ ही उन्हें अपने बेटे की बहादुरी और बलिदान पर गर्व भी है। शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भालखी-माजरा में लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
देश नमन करता है इस वीर को, जिसने कर्तव्य की राह पर प्राणों की आहुति दे दी।
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