चंडीगढ़ में तीन दिन बंद रहेंगे शराब के ठेके, हाईकोर्ट ने दिए आदेश!
आबकारी कराधान विभाग के अधिकारियों पर गिर सकती है गाज!
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 26 मार्च। चंडीगढ़ में शराब ठेकों की नीलामी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया है कि 1, 2 और 3 अप्रैल को शहर के सभी शराब ठेके बंद रहेंगे। अदालत ने चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी कर 3 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
क्या है मामला?
शहर के शराब कारोबारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि इस बार ठेकों की नीलामी में एक्साइज पॉलिसी का उल्लंघन हुआ है। कुल 12 बिडर्स ने 91 ठेकों के लिए बोली लगाई, लेकिन क्रॉस बिडिंग नहीं हुई। शिकायत में कहा गया है कि जिन लोगों ने अधिकतम ठेके लिए हैं, वे आपस में जुड़े हुए हैं—या तो वे एक ही परिवार के सदस्य हैं या फिर एक ही कंपनी से संबंधित हैं।
अदालत की टिप्पणी
न्यायमूर्ति सुरेश्वर ठाकुर और न्यायमूर्ति विकास सूरी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा कि एक ही व्यक्ति को 10 से अधिक ठेके देना प्रतिस्पर्धा अधिनियम का उल्लंघन है। अदालत ने प्रशासन से पूछा कि इस नीलामी में "सोशियो-इकॉनमिक वायबिलिटी" यानी सामाजिक और आर्थिक व्यवहार्यता का ध्यान क्यों नहीं रखा गया?
नीलामी में गड़बड़ी के आरोप
97 में से 87 ठेके कुछ ही लोगों के हाथों में चले गए।
आरोप है कि अलग-अलग फर्मों के नाम से रिश्तेदारों और कर्मचारियों के जरिए ठेके लिए गए।
कई वर्षों से शराब कारोबार कर रहे पुराने ठेकेदारों को ठेके नहीं मिल सके।
प्रशासन का पक्ष
चंडीगढ़ प्रशासन का कहना है कि नीलामी में पारदर्शिता रखी गई और सरकार ने केवल राजस्व बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस पर सवाल उठाए हैं और मामले की न्यायिक समीक्षा की जा रही है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च तक पुरानी पॉलिसी के तहत ठेके चलते रहेंगे, लेकिन नई नीलामी के तहत आवंटन फिलहाल प्रभावी नहीं होगा। प्रशासन को 3 अप्रैल तक अपना पक्ष रखने का समय दिया गया है।
शहर में शराब कारोबारियों के प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव को देखते हुए इस मामले के आगे भी तूल पकड़ने की संभावना है।
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