हरियाणा सरकार ने ईद की छुट्टी रद्द की, 31 मार्च को रहेगा कार्य दिवस
बाबूशाही ब्यूरो
चंडीगढ़, 27 फ़रवरी: हरियाणा सरकार ने इस साल ईद पर दी जाने वाली सार्वजनिक छुट्टी को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के समापन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसे अनिवार्य अवकाश (गजेटेड हॉलिडे) से हटाकर प्रतिबंधित अवकाश (रिस्ट्रिक्टेड हॉलिडे) में बदल दिया है। इसका मतलब है कि सरकारी कर्मचारियों को इस दिन अवकाश लेने के लिए व्यक्तिगत रूप से आवेदन करना होगा।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन को लेकर फैसला
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि 31 मार्च वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन है, और इसी दिन ईद भी संभावित है। ऐसे में सरकारी दफ्तरों में प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
सप्ताहांत और वित्तीय वर्ष का दबाव
सरकार ने यह कदम इसलिए भी उठाया क्योंकि 29 और 30 मार्च को शनिवार और रविवार की छुट्टी होगी। अगर 31 मार्च को भी अवकाश रहता, तो वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन सरकारी कामकाज प्रभावित हो सकता था।
राज्य में 18 लाख से अधिक मुस्लिम आबादी
हरियाणा में मुस्लिम समुदाय की आबादी लगभग 6% (करीब 18 लाख लोग) है। सरकार के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इसे प्रशासनिक जरूरत बता रहे हैं, तो कुछ इसे धार्मिक अवकाश में कटौती के रूप में देख रहे हैं।
क्या कहते हैं सरकारी कर्मचारी?
सरकारी कर्मचारियों में भी इस फैसले को लेकर मिश्रित राय देखने को मिल रही है। कुछ कर्मचारियों का मानना है कि धार्मिक छुट्टियों में बदलाव से सामाजिक समरसता प्रभावित हो सकती है, जबकि कुछ इसे वित्तीय अनुशासन के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे फैसले
यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य सरकार ने वित्तीय या प्रशासनिक कारणों से छुट्टियों में बदलाव किया हो। कई बार सरकारें सार्वजनिक अवकाशों को कार्य आवश्यकताओं के अनुसार संशोधित करती रही हैं।
सरकार के इस फैसले पर मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी जल्द सामने आ सकती है।
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